UGC ने हेल्थकेयर डिग्री प्रोग्राम में किया महत्वपूर्ण बदलाव
UGC के नए नियमों की जानकारी
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एलाइड और हेल्थकेयर से संबंधित कई डिग्री प्रोग्राम के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। ये नए नियम शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू होंगे। अब मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (MPT) और मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (MOT) की डिग्री में छात्र की विशेषज्ञता का उल्लेख किया जाएगा।
MPT में विशेषज्ञता के विकल्प
नए नियमों के अनुसार, 2026-27 से MPT करने वाले छात्रों की डिग्री में उनकी विशेषज्ञता का नाम शामिल होगा। UGC ने इसके लिए 8 प्रमुख स्पेशलाइजेशन निर्धारित किए हैं।
इनमें शामिल हैं:
1. मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज
2. न्यूरोसाइंसेज
3. कार्डियोवैस्कुलर एंड पल्मोनरी साइंसेज
4. स्पोर्ट्स साइंसेज
5. पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटल साइंसेज
6. ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी साइंसेज
7. ऑन्कोलॉजी साइंसेज
8. कम्युनिटी रिहैबिलिटेशन साइंसेज
MPT प्रोग्राम की न्यूनतम अवधि 2 वर्ष होगी और इसमें प्रवेश के लिए संबंधित बैचलर डिग्री आवश्यक होगी।
MOT में भी होगा स्पेशलाइजेशन
मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (MOT) के लिए भी इसी तरह का बदलाव किया गया है। छात्रों को उनकी चुनी गई विशेषज्ञता के आधार पर डिग्री प्रदान की जाएगी।
MOT के लिए निर्धारित क्षेत्र हैं:
1. मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज
2. पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटल साइंसेज
3. न्यूरोसाइंसेज
4. मेंटल हेल्थ
5. कार्डियोवैस्कुलर एंड पल्मोनरी साइंसेज
6. रिहैबिलिटेशन
7. जेरियाट्रिक्स
8. हैंड और ऑन्कोलॉजिकल साइंसेज
इस प्रोग्राम की न्यूनतम अवधि भी 2 वर्ष होगी और बैचलर डिग्री आवश्यक होगी।
पुराने छात्रों पर प्रभाव
UGC के नए नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होंगे जिन्होंने 2026-27 से पहले MPT या MOT प्रोग्राम में प्रवेश लिया है। ऐसे छात्रों को उनकी डिग्री पहले के नियमों के अनुसार दी जाएगी।
नए हेल्थकेयर डिग्री प्रोग्राम
UGC के पांचवें संशोधन में केवल MPT और MOT में बदलाव नहीं किया गया है। कई नए और संशोधित UG तथा PG डिग्री प्रोग्राम को भी मान्यता दी गई है।
इनमें शामिल हैं:
1. बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस
2. मास्टर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस
3. मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी
4. हेमेटोलॉजी एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन
5. हिस्टोलॉजी और साइकोपैथोलॉजी से संबंधित मास्टर प्रोग्राम
6. बैचलर ऑफ इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट
7. मास्टर ऑफ एडवांस्ड केयर पैरामेडिक्स
8. बैचलर और मास्टर ऑफ एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी
नए प्रोग्राम और बदलाव
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (NCAHP) के तहत 33 नए डिग्री प्रोग्राम जोड़े गए हैं, जबकि 21 मौजूदा UG-PG प्रोग्राम में संशोधन किया गया है।
इन बदलावों का उद्देश्य एलाइड और हेल्थकेयर क्षेत्र में डिग्री के नाम, कोर्स की अवधि और प्रवेश योग्यता में एकरूपता लाना है। UGC ने यह संशोधन UGC अधिनियम, 1956 की धारा 22(3) के तहत किया है।