Super TET 2026: नए सिलेबस और परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव
Super TET 2026 के लिए नई जानकारी
उत्तर प्रदेश में Super TET 2026 की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राइमरी टीचर भर्ती परीक्षा के लिए नया सिलेबस और परीक्षा पैटर्न जारी किया है।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव
इस बार Super TET के परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। अब परीक्षा में 150 प्रश्नों के बजाय 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके साथ ही, इस बार नेगेटिव मार्किंग भी लागू की जाएगी, जिसका अर्थ है कि गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे।
परीक्षा की अवधि
नए पैटर्न के अनुसार, Super TET 2026 की कुल अवधि 2 घंटे होगी। पेपर में 120 प्रश्न होंगे, और प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक दिए जाएंगे। वहीं, गलत उत्तर देने पर 1 अंक काटा जाएगा, जिससे परीक्षा कुल 360 अंकों की होगी।
विषयवार अंक वितरण
Super TET 2026 में विभिन्न विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। विषयवार अंक इस प्रकार हैं:
| विषय | अंक |
|---|---|
| सामान्य ज्ञान | 25 |
| तार्किक ज्ञान | 5 |
| हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी | 30 |
| विज्ञान | 8 |
| गणित | 16 |
| पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन | 8 |
| बाल मनोविज्ञान | 8 |
| सूचना तकनीकी | 4 |
| शिक्षण कौशल | 8 |
पुराने और नए पैटर्न में तुलना
नए पैटर्न की तुलना पुराने परीक्षा पैटर्न से करें तो कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। पहले Super TET में 150 प्रश्न होते थे और पूरा पेपर 150 अंकों का होता था। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 150 मिनट का समय मिलता था।
सबसे बड़ा अंतर यह था कि पुराने पैटर्न में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती थी। अब नए पैटर्न में प्रश्नों की संख्या घटाकर 120 कर दी गई है, परीक्षा की अवधि 2 घंटे कर दी गई है और गलत उत्तर के लिए 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है।
Super TET का महत्व
CTET और UPTET जैसी परीक्षाएं शिक्षक पात्रता निर्धारित करती हैं, जबकि Super TET शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी परीक्षा है। आमतौर पर CTET या UPTET जैसी पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार ही Super TET के लिए पात्र होते हैं।
Super TET के प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की मेरिट तैयार की जाती है, और इसी प्रक्रिया से सरकारी शिक्षक भर्ती की जाती है। इसलिए, Super TET 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नए सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को समझना बेहद जरूरी है।