PISA 2025 रिपोर्ट: वैश्विक शिक्षा में एशियाई छात्रों का दबदबा
PISA 2025 के परिणाम
PISA 2025 रिपोर्ट ने 15 वर्षीय छात्रों की शैक्षणिक क्षमताओं का अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन प्रस्तुत किया है। OECD द्वारा जारी इस रिपोर्ट में गणित, विज्ञान, पढ़ाई और छात्रों की डिजिटल समस्या समाधान क्षमताओं का आकलन किया गया है। इस बार 91 देशों और क्षेत्रों के 7.6 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
गणित में शीर्ष स्कोर
रिपोर्ट के अनुसार, गणित में B-S-J-Z (चीन) के छात्रों ने 612 अंक के साथ सबसे अधिक औसत स्कोर प्राप्त किया। इसके बाद सिंगापुर 563 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। अमेरिका का गणित स्कोर 463 अंक रहा, जो OECD के औसत के बराबर है।
गणित में प्रमुख शिक्षा प्रणालियों के स्कोर
| शिक्षा प्रणाली | गणित स्कोर |
|---|---|
| B-S-J-Z (चीन) | 612 |
| सिंगापुर | 563 |
| मकाऊ (चीन) | 549 |
| चीनी ताइपे | 546 |
| जापान | 525 |
| कोरिया | 522 |
| हांगकांग (चीन) | 522 |
| एस्टोनिया | 508 |
| स्विट्जरलैंड | 499 |
| यूनाइटेड किंगडम | 488 |
| कनाडा | 485 |
| न्यूजीलैंड | 480 |
| अमेरिका | 463 |
OECD ने स्पष्ट किया है कि B-S-J-Z (चीन) का अर्थ बीजिंग, शंघाई, जियांग्सू और झेजियांग के छात्रों से है। इसलिए, 612 अंक को पूरे चीन की राष्ट्रीय आबादी का औसत मानना सही नहीं होगा।
अमेरिका का गणित स्कोर
अमेरिका के 15 वर्षीय छात्रों का गणित में औसत स्कोर 463 अंक रहा। OECD के अनुसार, अमेरिका में 65 प्रतिशत छात्र गणित में कम से कम Level 2 दक्षता तक पहुंचे, जो OECD औसत के बराबर है। लगभग 8 प्रतिशत अमेरिकी छात्र गणित में शीर्ष Level 5 या 6 परफॉर्मर रहे।
तुलना में, B-S-J-Z (चीन) में Level 5 या 6 तक पहुंचने वाले छात्रों की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत थी, जबकि सिंगापुर में यह 37 प्रतिशत रही।
शिक्षा प्रदर्शन में गिरावट
PISA 2025 के आंकड़ों में OECD देशों के लिए शिक्षा प्रदर्शन में गिरावट का संकेत मिला है। गणित में OECD औसत स्कोर 2015 के 485 अंक से घटकर 2025 में 463 अंक रह गया। रीडिंग में भी 489 से गिरकर 461 अंक हो गया। OECD ने गणित में 22 अंकों की गिरावट को एक साल से कुछ अधिक सीखने के नुकसान के बराबर बताया है।
विज्ञान में 2025 का OECD औसत 482 अंक रहा। इस बार विज्ञान PISA का मुख्य विषय था, जबकि गणित और रीडिंग को माइनर डोमेन के तौर पर शामिल किया गया था।
डिजिटल उपकरणों का प्रभाव
PISA 2025 में छात्रों के डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर भी ध्यान दिया गया। OECD के अनुसार, स्कूल में डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक मनोरंजन के लिए उपयोग कम प्रदर्शन से जुड़ा पाया गया है। औसतन 28 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि उनके सहपाठी ज्यादातर या हर विज्ञान की कक्षा में डिजिटल उपकरणों के कारण ध्यान भटकाते हैं।
स्कूल के बाहर भी डिजिटल मनोरंजन का समय महत्वपूर्ण है। OECD के पिछले PISA विश्लेषण में पाया गया कि रोजाना चार घंटे से अधिक डिजिटल मनोरंजन गणित प्रदर्शन और स्कूल से जुड़ाव में गिरावट से जुड़ा था।
PISA 2025 में क्या-क्या शामिल था?
इस बार PISA में केवल पारंपरिक विषयों की परीक्षा नहीं हुई। छात्रों की विज्ञान, गणित, पढ़ाई और समस्या समाधान क्षमताओं का आकलन किया गया। इसके अलावा, डिजिटल दुनिया में सीखने, AI के उपयोग और छात्रों के सीखने से जुड़े व्यवहारों पर भी डेटा एकत्र किया गया।
OECD के अनुसार, 2025 की परीक्षा में 91 देशों और अर्थव्यवस्थाओं के 7.6 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया। ये छात्र दुनिया भर के करीब 3.3 करोड़ 15 वर्षीय स्कूली छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
PISA 2025 रिपोर्ट का महत्व
PISA 2025 के आंकड़े दिखाते हैं कि कई एशियाई शिक्षा प्रणालियां गणित और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि OECD देशों में औसत शैक्षणिक प्रदर्शन में गिरावट दर्ज हुई है। साथ ही, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया का उपयोग भी छात्रों के सीखने के माहौल से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आया है।
हालांकि, PISA किसी देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की अकेली रैंकिंग नहीं है। यह 15 वर्षीय छात्रों की एक प्रतिनिधि सैंपल के प्रदर्शन को मापता है और विभिन्न देशों के बीच शैक्षणिक परिणामों की तुलना करने का एक अंतरराष्ट्रीय पैमाना उपलब्ध कराता है।