NEET परीक्षा की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के नए कदम
NEET पेपर लीक विवाद के बाद सुरक्षा उपाय
NEET परीक्षा के पेपर लीक विवाद के चलते, केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नए कदम उठाने पर विचार कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, भविष्य में प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी सेना को सौंपी जा सकती है। इसका उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना और परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखना है।
NEET परीक्षा की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण बैठक
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर NEET परीक्षा की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, और CBSE तथा NTA के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, छात्रों को आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, परीक्षा प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने पर चर्चा की गई।
कोचिंग सेंटर के संस्थापक की CBI कस्टडी बढ़ाई गई
दिल्ली की एक अदालत ने NEET पेपर लीक मामले में शामिल कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की CBI कस्टडी एक दिन के लिए बढ़ा दी है। CBI के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कस्टडी की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी का अन्य सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने और महत्वपूर्ण सबूत जुटाने के लिए आगे की पूछताछ आवश्यक है। मोटेगांवकर को 17 मई को लातूर में गिरफ्तार किया गया था।
CBI की ओर से आरोप
CBI ने अपनी कस्टडी याचिका में कहा है कि मोटेगांवकर NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लीक करने और प्रसारित करने में शामिल था। उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान के प्रश्न और उत्तर प्राप्त किए थे। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुनर्परीक्षा की तिथि
12 मई को, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के कारण, स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 3 मई को निर्धारित NEET परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया था। अब पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।