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NEET UG री-एग्जाम में बदलाव: समय बढ़ा और सुरक्षा उपाय लागू

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG री-एग्जाम में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें परीक्षा का समय 195 मिनट कर दिया गया है। पेपर लीक के कारण रद्द की गई परीक्षा अब 21 जून को होगी। सुरक्षा के लिए पेपर सेट करने वालों को आइसोलेशन में रखा जाएगा और प्रश्न पत्र को भारतीय वायु सेना के एयरक्राफ्ट से ले जाया जाएगा। जानें और क्या बदलाव हुए हैं और NEET के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश कैसे होता है।
 

NEET UG री-एग्जाम में महत्वपूर्ण परिवर्तन



नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG री-एग्जाम के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके साथ ही, आंसर शीट पर रफ काम के लिए अधिक स्थान प्रदान किया गया है। इस साल की शुरुआत में पेपर लीक के कारण NEET UG परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। अब री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। असली NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते इसे 12 मई को रद्द कर दिया गया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।


सख्त सुरक्षा उपाय

परीक्षा के दौरान पेपर सेट करने वालों पर कड़ी पाबंदियां लगाई जाएंगी। उन्हें 21 जून तक 'लॉकडाउन' (आइसोलेशन) में रखा जाएगा ताकि पेपर लीक का कोई खतरा न हो। परीक्षा केंद्रों के लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों का चयन किया गया है।


एयरक्राफ्ट का उपयोग

अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रियाएं जैसे सवाल तैयार करना, अनुवाद, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कड़ी निगरानी में की जाएंगी। सरकार क्वेश्चन पेपर को ले जाने के लिए भारतीय वायु सेना के एयरक्राफ्ट का उपयोग करेगी। डिजिटल क्षेत्र में, अधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग सेवाओं पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगे ताकि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा सके।


सवालों की तैयारी में नई प्रणाली

NTA एक नई प्रणाली पर काम कर रहा है जिसमें सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों को यह नहीं बताया जाएगा कि वे किस परीक्षा के लिए पेपर तैयार कर रहे हैं। इस योजना के तहत, विषय विशेषज्ञ केवल सवाल तैयार करेंगे, जिन्हें एक बड़े डिजिटल रिपॉजिटरी में संग्रहित किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस बैंक में लगभग 10,000 सवाल होंगे। इसके बाद तकनीकी प्रक्रिया का उपयोग करके इन्हीं सवालों से फाइनल एग्जाम पेपर तैयार किया जाएगा।


NEET के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जो भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इसे 2013 में शुरू किया गया था। यह परीक्षा देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, AYUSH (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्स में प्रवेश में मदद करती है। इसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।


लुइसा टे का वीडियो इंटरव्यू

फाइनेंशियल एडवाइज़र और कंटेंट क्रिएटर लुइसा टे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो इंटरव्यू साझा किया है। इस इंटरव्यू में एल्विन शामिल हैं, जिन्होंने नूडल्स बेचने का व्यवसाय शुरू करने के लिए मेटा में अपनी नौकरी छोड़ दी थी।