NCERT की नई कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तकें: छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट
NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों की तैयारी
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) कक्षा 10 के छात्रों के लिए नई पाठ्यपुस्तकों को जारी करने की योजना बना रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, NCERT दिसंबर 2026 तक नई किताबें उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। ये किताबें शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए तैयार की जा रही हैं। खास बात यह है कि नए सत्र की शुरुआत से तीन महीने पहले ही छात्रों को नई किताबें मिल सकती हैं, जिससे उन्हें नए सिलेबस की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
सिलेबस का अपडेट
NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, कक्षा 10 के सभी विषयों का सिलेबस 15 नवंबर 2026 तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को भेज दिया जाएगा। इसके बाद, अपडेटेड सिलेबस NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।
नई किताबों में शामिल विषय
10वीं की नई किताबों में शामिल होंगे ये विषय
NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों में कक्षा 10 के सभी प्रमुख विषयों को शामिल किया जाएगा। इनमें भाषा, विज्ञान, गणित के साथ अन्य विषय भी होंगे।
- अंग्रेजी और उर्दू
- हिंदी और संस्कृत
- गणित
- विज्ञान
- सामाजिक विज्ञान
- स्किल एजुकेशन
- आर्ट एजुकेशन
- फिजिकल एजुकेशन
छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा ज्यादा समय
नई किताबें समय से पहले जारी होने का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को मिलेगा। जो विद्यार्थी वर्तमान में 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं, वे 10वीं में जाने से पहले ही नए सिलेबस और पाठ्यक्रम में हुए बदलावों को समझ सकेंगे। इसके अलावा, शिक्षकों को भी नए कंटेंट का अध्ययन करने और बदले हुए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई की योजना तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
किताबें कहां से खरीद सकेंगे?
NCERT की नई किताबें कहां से खरीद सकेंगे?
किताबें जारी होने के बाद छात्र इन्हें NCERT की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकेंगे। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी किताबें उपलब्ध कराने की योजना है। आर्मी पोस्टल सर्विसेज के माध्यम से भी इनकी बिक्री की जाएगी।
NEP 2020 के तहत बदलाव
NEP 2020 के तहत बदलाव
NCERT की नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूल शिक्षा में किए जा रहे बदलावों का हिस्सा हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026 के दौरान NCERT ने 70.9 मिलियन यानी करीब 7.09 करोड़ पाठ्यपुस्तकों की बिक्री की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया गया है।