B.Ed शिक्षकों के लिए अनिवार्य 6 महीने का ब्रिज कोर्स: जानें सभी महत्वपूर्ण जानकारी
ब्रिज कोर्स की आवश्यकता
देशभर के प्राथमिक विद्यालयों में B.Ed डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए 6 महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, शिक्षकों को इस कोर्स को निर्धारित समय में पूरा करना होगा, अन्यथा उनकी नियुक्ति पर प्रभाव पड़ सकता है।
ब्रिज कोर्स का विवरण
यह कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा संचालित किया जाएगा। अब तक, 66,154 शिक्षकों ने आवेदन किया है, जिनमें से 33,640 आवेदन उत्तर प्रदेश से हैं। आइए जानते हैं कि यह ब्रिज कोर्स क्या है और किन शिक्षकों के लिए यह आवश्यक है।
6 महीने का ब्रिज कोर्स क्या है?
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने NIOS को प्राथमिक शिक्षकों के लिए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में 6 महीने का ब्रिज कोर्स संचालित करने की अनुमति दी है।
यह एक शॉर्ट टर्म प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसका उद्देश्य उन B.Ed डिग्रीधारी शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिनकी नियुक्ति हाल ही में हुई है।
किसके लिए है यह कोर्स?
यह कोर्स उन शिक्षकों के लिए है, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 के बाद और 11 अगस्त 2023 से पहले हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना निर्णय 11 अगस्त 2023 को सुनाया था।
शिक्षकों को इस कोर्स को समय पर पूरा करना होगा, अन्यथा उनकी नियुक्ति की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
कोर्स पूरा करने की समयसीमा
NIOS के नियमों के अनुसार, शिक्षकों को कोर्स शुरू होने की तारीख से एक साल के भीतर 6 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा। शिक्षकों को कोर्स से संबंधित सभी जानकारी NIOS द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार देखनी होगी।
भविष्य में मान्यता
यह ब्रिज कोर्स केवल वर्तमान नियुक्तियों की पात्रता को पूरा करने के लिए है। इसे भविष्य में किसी अन्य शिक्षक भर्ती के लिए सामान्य शैक्षणिक योग्यता के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी।
इसलिए, शिक्षकों के लिए इसे समय पर पूरा करना अत्यंत आवश्यक है।
रजिस्ट्रेशन की स्थिति
NIOS ने प्राथमिक शिक्षकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोला था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 66,154 शिक्षकों ने आवेदन किया, जिनमें उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 33,640 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अब शिक्षकों को कोर्स के विस्तृत शेड्यूल और आगे की प्रक्रिया का इंतजार है।
याचिकाओं का निपटारा
कुछ शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में ब्रिज कोर्स से छूट की मांग की थी, लेकिन इन याचिकाओं को खारिज कर दिया गया। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, पात्र प्राथमिक शिक्षकों के लिए इस कोर्स को पूरा करना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण जानकारी
यह मामला सीधे तौर पर प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत B.Ed शिक्षकों की नौकरी और नियुक्ति की पात्रता से संबंधित है। इसलिए, जिन शिक्षकों पर यह नियम लागू होता है, उन्हें NIOS द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस और शेड्यूल पर ध्यान देना चाहिए और समय पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी चाहिए।