नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम: सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ तैयारी
नीट री-एग्जाम की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम: नीट परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बाद, भारत सरकार ने आगामी नीट री-एग्जाम के लिए सुरक्षा उपायों को काफी बढ़ा दिया है। यह कदम सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
हाल ही में, दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें 21 जून को होने वाली नीट री-परीक्षा के लिए सुरक्षा प्रबंधों पर चर्चा की गई। इस परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों के भाग लेने की संभावना है।
पीएमओ की निगरानी में परीक्षा प्रक्रिया
पीएमओ से रखी जाएगी नजर
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी परीक्षा की संपूर्ण प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगे। पेपर के निर्माण से लेकर उसकी छपाई, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और परीक्षा केंद्रों तक वितरण तक हर चरण की बारीकी से जांच की जाएगी। यह सुरक्षा तब तक बनी रहेगी जब तक कि अंतिम छात्र को प्रश्नपत्र नहीं मिल जाता।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई केंद्रीय मंत्री और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह शामिल थे।
प्रधानमंत्री मोदी की सक्रियता
पीएम मोदी रखेंगे हर अपडेट पर नजर
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्हें परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा उपायों के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है। पहले की नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं के कारण भारी विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसके चलते परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।
छात्रों, अभिभावकों और राजनीतिक दलों ने इस महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए थे। इस दबाव के बीच, सरकार सुरक्षा में किसी भी चूक को रोकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और विभिन्न सरकारी एजेंसियां सुरक्षा को मजबूत करने में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह नया सुरक्षा तंत्र भारत के इतिहास में सबसे सख्त परीक्षा सुरक्षा प्रणाली साबित हो सकता है, जिससे छात्रों का विश्वास पुनः स्थापित किया जा सके।