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डॉक्टर पंजीकरण प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव: यूनिक आईडी और डिजिटल रिकॉर्ड

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने डॉक्टरों के पंजीकरण प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों के तहत, हर डॉक्टर को एक अद्वितीय पहचान संख्या (UID) दी जाएगी, जिससे उन्हें देशभर में प्रैक्टिस करने में आसानी होगी। यह प्रणाली न केवल पंजीकरण को सरल बनाएगी, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के रिकॉर्ड को भी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराएगी। जानें इस नई प्रणाली के तहत लाइसेंस की वैधता, नवीनीकरण प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
 

डॉक्टर पंजीकरण प्रणाली में प्रस्तावित परिवर्तन



राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) डॉक्टरों के पंजीकरण प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार करने की योजना बना रहा है। नए नियमों के तहत, प्रत्येक पंजीकृत डॉक्टर को एक अद्वितीय पहचान संख्या (UID) दी जाएगी, जो उनके राष्ट्रीय स्तर की पहचान के रूप में कार्य करेगी। इस व्यवस्था के तहत, एक राज्य में पंजीकरण कराने के बाद, डॉक्टर को दूसरे राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए अलग से पंजीकरण या लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा, डॉक्टर के लाइसेंस की स्थिति और उनके खिलाफ किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध होगा।


एकल UID के साथ देशभर में प्रैक्टिस

NMC के 2026 के लिए प्रस्तावित नियमों में डॉक्टरों के लिए एक समान राष्ट्रीय स्तर की पंजीकरण प्रणाली का सुझाव दिया गया है। राज्य चिकित्सा परिषद से पंजीकरण प्राप्त करने के बाद, NMC की नैतिकता और चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड (EMRB) डॉक्टर को UID जारी करेगा। इसके बाद, डॉक्टर का नाम राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (NMR) में दर्ज किया जाएगा।


यह UID डॉक्टर की पहचान के रूप में कार्य करेगा और डॉक्टरों को अन्य राज्यों या संघ शासित क्षेत्रों में काम करने के लिए अलग से लाइसेंस प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।


लाइसेंस की वैधता और नवीनीकरण

प्रस्ताव के अनुसार, डॉक्टर का प्रैक्टिस लाइसेंस पांच वर्षों के लिए मान्य रहेगा। लाइसेंस की समाप्ति के तीन महीने के भीतर इसे अपडेट करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय के भीतर नवीनीकरण नहीं किया गया, तो डॉक्टर का पंजीकरण निष्क्रिय हो जाएगा। ऐसे में डॉक्टर को प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी, और यह स्थिति NMR में अपडेट की जाएगी।


अनुशासनात्मक कार्रवाई का रिकॉर्ड

नए सिस्टम के तहत, डॉक्टर के पंजीकरण, लाइसेंस और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में रखी जाएगी। यदि राज्य चिकित्सा परिषद किसी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो विवरण NMR में दर्ज किया जाएगा। साथ ही, डॉक्टर के गृह राज्य के चिकित्सा रजिस्टर में भी रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा। मरीज और अस्पताल भी इस जानकारी को ऑनलाइन देख सकेंगे।


एकीकृत पंजीकरण पोर्टल

इस प्रणाली के लिए एक एकीकृत पैन-इंडिया पंजीकरण पोर्टल बनाने का प्रस्ताव है। जिन राज्यों में पहले से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधाएं हैं, उन्हें भी इस राष्ट्रीय पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा। मौजूदा डॉक्टरों को भी UID प्राप्त होगा। UID न रखने वाले डॉक्टरों के लिए एक विशेष अपडेट ड्राइव शुरू की जा सकती है; वे EMRB पोर्टल पर अपने विवरण अपडेट करके UID प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के लिए EMRB द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।