×

UPSC CSE: जानें राष्ट्रीयता मानदंड और पात्रता

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में भाग लेने के लिए राष्ट्रीयता मानदंड और पात्रता की जानकारी महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कौन से नागरिक इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, विशेष रूप से नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए अवसरों के बारे में। इसके अलावा, हम UPSC परीक्षा के लिए आवश्यक शैक्षणिक और आयु संबंधी शर्तों पर भी चर्चा करेंगे।
 

UPSC CSE राष्ट्रीयता मानदंड



UPSC CSE राष्ट्रीयता मानदंड: संघ लोक सेवा आयोग का सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल, लाखों युवा भारतीय IAS, IPS और IFS अधिकारियों बनने का सपना देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल भारतीय नागरिक ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य देशों के नागरिक भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? UPSC ने CSE 2026 अधिसूचना में राष्ट्रीयता से संबंधित नियमों को विस्तार से स्पष्ट किया है।


UPSC के नियमों के अनुसार, नेपाल, भूटान के नागरिक और कुछ विशेष परिस्थितियों में अन्य देशों के शरणार्थी भी भारत में सिविल सेवक बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालाँकि, ये राष्ट्रीयता नियम सभी सेवाओं के लिए समान नहीं हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), और भारतीय विदेश सेवा (IFS) जैसी शीर्ष सेवाओं के लिए पात्रता मानदंड बहुत सख्त हैं। वहीं, अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और ग्रुप B) के लिए नियमों में कुछ ढील दी गई है।


IAS और IPS अधिकारी बनने के लिए कौन पात्र है?
संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुसार, भारत की सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), और भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए एक उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए। इन तीन सेवाओं के लिए किसी अन्य देश के नागरिक या शरणार्थियों को पात्र नहीं माना जाता। यह नियम सुरक्षा और प्रशासनिक अखंडता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।


नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए अवसर


अन्य केंद्रीय सेवाओं (जैसे IRS, IRTS आदि) के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। संघ लोक सेवा आयोग के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के उम्मीदवार UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं:
नेपाल का नागरिक
भूटान का नागरिक


भारतीय मूल के व्यक्ति जो एथियोपिया, केन्या, मलावी, म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका, तंजानिया, युगांडा, वियतनाम, जायर, या जाम्बिया से भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से प्रवासित हुए हैं।


UPSC आवेदन के लिए पात्रता प्रमाण पत्र आवश्यक
उपरोक्त श्रेणियों (नेपाल, भूटान, और शरणार्थियों) के उम्मीदवारों को भारत सरकार द्वारा जारी 'पात्रता प्रमाण पत्र' प्रस्तुत करना आवश्यक है। इस प्रमाण पत्र के बिना, उनकी नियुक्ति को अंतिम नहीं माना जाता। हालाँकि, उन्हें UPSC परीक्षा में शामिल होने और साक्षात्कार में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है, नियुक्ति पत्र केवल तभी जारी किया जाता है जब सरकार उनके पक्ष में पात्रता प्रमाण पत्र जारी करती है।


UPSC परीक्षा के लिए अन्य पात्रता शर्तें: आयु और शिक्षा
राष्ट्रीयता के अलावा, UPSC CSE के लिए उम्मीदवारों को शैक्षणिक और आयु संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा करना होगा। उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 32 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि आरक्षित श्रेणियों और कुछ विशेष मामलों में छूट प्रदान की जाती है।


सीमा क्षेत्रों (जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, और सिक्किम) में रहने वाले नेपाली या भूटानी नागरिक अक्सर इस भ्रांति में रहते हैं कि वे UPSC परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। इसलिए, यह जानकारी उनके लिए महत्वपूर्ण है।