BTEUP ने परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की
BTEUP सेमेस्टर परिणाम
बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन उत्तर प्रदेश (BTEUP) ने पॉलीटेक्निक के विषम सेमेस्टर और विशेष बैक पेपर परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा की है। परिणामों से स्पष्ट होता है कि BTEUP ने परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। बोर्ड ने 644 उम्मीदवारों के परिणामों को अमान्य कर दिया है और 55 छात्रों के परिणाम रोक दिए हैं।
क्यों दिए गए 644 उम्मीदवारों को शून्य अंक?
बोर्ड के अनुसार, 644 छात्रों को शून्य अंक दिए गए क्योंकि उन्होंने अपने उत्तर पत्रों पर अपने मोबाइल नंबर लिखे थे, जिससे वे परीक्षक को प्रभावित करना चाहते थे। यह बोर्ड द्वारा गंभीर misconduct माना गया।
गोपनीयता नियमों का उल्लंघन
काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि अपनी पहचान उजागर करना, संपर्क जानकारी प्रदान करना या उत्तर पत्र में भावनात्मक अपील लिखना परीक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। बोर्ड ने छात्रों को ऐसे कार्यों के खिलाफ बार-बार चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई।
धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
बोर्ड ने न केवल उत्तर पत्रों में नंबर लिखने के मामलों में सख्ती दिखाई है, बल्कि धोखाधड़ी के मामलों में भी। परीक्षा के दौरान तैनात फ्लाइंग स्क्वाड ने 55 छात्रों को धोखाधड़ी करते हुए पकड़ा। इन छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और उनके परिणाम फिलहाल रोक दिए गए हैं।
कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं
तकनीकी शिक्षा परिषद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उत्तर पत्रों पर मोबाइल नंबर लिखने या परीक्षकों को प्रभावित करने का प्रयास अब सीधे असफलता की ओर ले जाएगा। बोर्ड भविष्य में ऐसे कार्यों के खिलाफ और भी कड़े दंड लगाने और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।