मध्य पूर्व में CBSE स्कूलों की स्थिति: शिक्षा पर प्रभाव और परीक्षा स्थगन
मध्य पूर्व में तनाव और शिक्षा पर प्रभाव
वर्तमान में मध्य पूर्व एक तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। विभिन्न देशों के बीच बढ़ते हमले आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में सड़कें सुनसान हैं और स्कूलों तथा कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
युद्ध और शिक्षा का प्रभाव
मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति सामान्य जीवन को बाधित कर रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई, अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए। इसके बाद से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ईरान भी प्रतिशोध ले रहा है। इन हमलों के बीच स्कूल और कॉलेज भी बंद हैं। क्या आप जानते हैं कि मध्य पूर्व में CBSE से संबद्ध स्कूल भी हैं, जो बच्चों की शिक्षा को प्रभावित कर रहे हैं? आइए जानते हैं कि खाड़ी देशों में कितने CBSE स्कूल हैं।
CBSE स्कूलों की संख्या
2023 में विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व में कुल 217 CBSE से संबद्ध स्कूल हैं। ये सभी स्कूल भारत के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नियमों के तहत शिक्षा प्रदान करते हैं। इन स्कूलों में हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
देशवार CBSE स्कूलों की संख्या
किस देश में कितने स्कूल हैं?
मध्य पूर्व में CBSE स्कूलों की संख्या के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में सबसे अधिक 106 स्कूल हैं। इसके बाद सऊदी अरब में 37, कुवैत में 26, ओमान में 21, और कतर में 19 स्कूल हैं। बहरीन में CBSE बोर्ड से संबद्ध 8 स्कूल हैं।
शिक्षा का संचालन
इन स्कूलों में शिक्षा कैसे संचालित होती है?
रिपोर्टों के अनुसार, इन मध्य पूर्वी स्कूलों में शिक्षा भारत के समान है। यहाँ NCERT की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग किया जाता है। परीक्षाएँ भी CBSE के नियमों के अनुसार आयोजित की जाती हैं। कई स्कूलों में आधुनिक सुविधाएँ, स्मार्ट कक्षाएँ और अच्छी लाइब्रेरी हैं। खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
परीक्षाएँ स्थगित
परीक्षा स्थगन की जानकारी
CBSE द्वारा जारी एक आधिकारिक परिपत्र में कहा गया है कि 2 मार्च 2026 को कुछ मध्य पूर्वी देशों में निर्धारित परीक्षाएँ स्थगित कर दी गई हैं। यह निर्णय बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में लागू होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह कदम इन देशों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर उठाया गया है। हालाँकि, परीक्षाएँ रद्द नहीं की गई हैं, केवल स्थगित की गई हैं।