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बिहार विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया

बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच, राज्य चुनाव विभाग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी है। जिन नागरिकों के नाम अंतिम प्रकाशन के बाद भी शामिल नहीं हुए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपने नाम जोड़ सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है। चुनाव आयोग ने नियमों के अनुसार आवेदन स्वीकार करने की समय सीमा भी निर्धारित की है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और कैसे सुनिश्चित करें कि आप लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकें।
 

बिहार में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया



बिहार में, जिन नागरिकों के नाम अंतिम प्रकाशन के बाद भी मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए हैं, वे अब फॉर्म-6 भरकर अपने नाम जोड़ सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है।


बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस बीच, मतदाता सूची से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, वे अब भी अपने नाम जोड़ सकते हैं।


इस प्रक्रिया के लिए, उन्हें अपने क्षेत्र के बूथ स्तर अधिकारी (BLO) को फॉर्म-6 भरकर जमा करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से सरल और पारदर्शी बनाई गई है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।


चुनाव आयोग के नियम

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, ये आवेदन नामांकन की अंतिम तिथि से आठ दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन जमा करने के बाद, इसे एक नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा और सात दिनों तक सार्वजनिक किया जाएगा ताकि किसी भी आपत्ति का सामना किया जा सके। यदि इस अवधि के दौरान कोई आपत्ति नहीं उठाई जाती है, तो आठवें दिन नाम जोड़ने की अनुमति दी जाएगी, जिसके बाद मतदाता मतदान कर सकेंगे।


तीन लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस

यह भी जानकारी मिली है कि राज्य में लगभग तीन लाख मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज न जमा करने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज प्रदान करने के लिए कहा गया है; अन्यथा, उनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।


मतदाता सूची से किन नामों को हटाया जाएगा?

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान, मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम स्वचालित रूप से अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।


लोगों का मानना है कि आयोग का यह कदम उन लोगों के लिए राहत का कारण बनेगा जिनके नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हुए थे। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर फॉर्म-6 भरकर अपने नाम जोड़ें ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।