NEET SS 2025 में क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल में कमी: 50% से 30% पर लाया गया
NEET SS 2025 के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) सुपर स्पेशलिटी (SS) के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। NBEMS ने NEET SS 2025 के लिए क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को 50% से घटाकर 30% कर दिया है। इस बदलाव के बाद, जो उम्मीदवार NEET SS 2025 में 30वें पर्सेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करेंगे, वे चिकित्सा सुपर-स्पेशलिटी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के योग्य होंगे। NBEMS ने इस संबंध में आधिकारिक सूचना मंगलवार, 22 सितंबर को जारी की।
आइए इस मामले को विस्तार से समझते हैं। हम देखेंगे कि NBEMS ने NEET SS के क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को क्यों घटाया और इस बदलाव के प्रभावों को समझेंगे।
30वें पर्सेंटाइल पर मेडिकल SS पाठ्यक्रमों में प्रवेश
NEET SS 2025 के पर्सेंटाइल को घटाने के साथ, NBEMS ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के साथ संशोधित परिणाम साझा किए हैं। इस बदलाव के तहत, NEET SS में 30वें पर्सेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया है। इसके अलावा, NBEMS ने 15 NEET सुपर स्पेशलिटी पेपरों के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ जारी की है; उदाहरण के लिए, मेडिकल ऑन्कोलॉजी ग्रुप पेपर में, 600 में से 180 अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया है। सभी 15 NEET सुपर स्पेशलिटी पेपरों के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ पर एक नज़र डालते हैं।
निर्णय का कारण
NBEMS ने बताया कि NEET SS 2025 के क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को घटाने का निर्णय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक पत्र के आधार पर लिया गया था। इस पत्र में 17 सितंबर 2026 को एक जनहित याचिका के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख किया गया था, जिसमें 50% से 30% तक पर्सेंटाइल को कम करने का निर्देश दिया गया था।
कोई नया स्कोरकार्ड जारी नहीं होगा
NBEMS ने स्पष्ट किया है कि NEET SS 2025 के क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल में संशोधन के बाद कोई नया स्कोरकार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, 23 जनवरी 2026 को जारी किए गए समूह-विशिष्ट रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा। NBEMS ने कहा है कि उम्मीदवार किसी भी समस्या या प्रश्न के लिए आधिकारिक रूप से बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं।