NCERT द्वारा SWAYAM पोर्टल पर मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम
NCERT के मुफ्त पाठ्यक्रम
SWAYAM पोर्टल पर NCERT के मुफ्त पाठ्यक्रम: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। ये पाठ्यक्रम 'SWAYAM' (स्टडी वेब्स ऑफ़ एक्टिव-लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं और कुल 11 विषयों को कवर करते हैं।
21 सप्ताह का पाठ्यक्रम
**पाठ्यक्रम की अवधि:**
इन पाठ्यक्रमों में लेखा, जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, भौतिकी, गणित, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन और अंग्रेजी शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 21 सप्ताह निर्धारित की गई है, जिससे छात्रों को विषयों की गहरी और व्यापक समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।
ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा
NCERT के अनुसार, ये ऑनलाइन पाठ्यक्रम छात्रों को कभी भी और कहीं भी अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करते हैं। पाठ्यक्रम में वीडियो व्याख्यान, इंटरएक्टिव सामग्री, चर्चा मंच और विशेषज्ञ मार्गदर्शन शामिल हैं। इसके अलावा, छात्र अपनी गति और सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं।
पाठ्यक्रम पूरा करने पर प्रमाणपत्र
**पाठ्यक्रम पूरा करने पर प्रमाणपत्र:**
पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद, छात्रों को उनकी तैयारी का मूल्यांकन करने के लिए आत्म-मूल्यांकन परीक्षण और क्विज़ प्रदान किए जाएंगे। जो छात्र अंतिम मूल्यांकन में सफल होंगे, उन्हें प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
**महत्वपूर्ण तिथियाँ:**
इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर है। मूल्यांकन के लिए पंजीकरण 7 से 9 सितंबर के बीच होगा, जबकि अंतिम परीक्षा 10 से 15 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। पाठ्यक्रम 15 सितंबर को समाप्त होने वाले हैं।
आवेदन कैसे करें
**आवेदन प्रक्रिया:**
छात्रों को पहले swayam.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद, उन्हें संबंधित पाठ्यक्रम के लिंक पर क्लिक करके नामांकन करना होगा। सभी अध्ययन सामग्री को पूरा करने के बाद, छात्रों को अंतिम मूल्यांकन देना होगा; पास होने पर उन्हें प्रमाणपत्र प्राप्त होगा।
छात्र NCERT की आधिकारिक वेबसाइट ciet.ncert.gov.in पर जाकर भी इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षा में डिजिटल पहल
यह पहल छात्रों को डिजिटल माध्यमों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भरता के साथ सीखने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।