CBSE ने कक्षा 12वीं के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की नई गाइडलाइन जारी की
नई गाइडलाइन का उद्देश्य
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन से संबंधित नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके परिणामों के प्रति संतोष और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रदान करना है।
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया
बोर्ड के अनुसार, यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से असंतुष्ट है, तो वह पहले अपने अंकों का वेरिफिकेशन करवा सकता है। इसके बाद, यदि आवश्यक हो, तो वह उत्तर पुस्तिकाओं की री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता है।
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन में अंतर
सीबीएसई ने बताया है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिका में अंक गणना, किसी प्रश्न के अंकों में कमी या वृद्धि जैसी त्रुटियों की जांच की जाती है। वहीं, री-इवैल्यूएशन में उत्तरों का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। छात्रों को परिणाम घोषित होने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे मूल्यांकन में पारदर्शिता बनी रहती है और छात्रों को उनकी मेहनत का सही परिणाम प्राप्त करने का अवसर मिलता है।