CBSE के छात्रों के लिए DigiLocker पर स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध होंगी
CBSE स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं DigiLocker पर
CBSE स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं DigiLocker पर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 2027 से कक्षा 12 के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां सीधे DigiLocker पर उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। छात्रों को उनके अंक पत्रों के साथ-साथ उनकी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां भी मिलेंगी। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी साझा की। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब पिछले कुछ वर्षों में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियों के जारी करने की प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें आई हैं।
**उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर कई शिकायतें**
वर्तमान में, CBSE परिणाम घोषित होने के बाद, छात्रों को सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है ताकि वे अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त कर सकें। इसके बाद, वे अंक सत्यापन या उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान, कई छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के अदला-बदली, पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों और भुगतान से संबंधित समस्याओं की शिकायत की है।
**कुछ छात्रों को अन्य छात्रों की प्रतियां मिलीं**
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 20 छात्रों को गलती से अन्य छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां भेजी गईं। यह समस्या स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों के कारण उत्पन्न हुई। एक छात्र, वेदांत, ने दावा किया कि जब उसे भौतिकी में अपेक्षा से कम अंक मिले, तो उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया; तब पता चला कि उसकी प्रोफ़ाइल से किसी अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका जुड़ी हुई थी।
**अधिक शुल्क और असफल भुगतान की शिकायतें**
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 50 छात्रों से स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं, अंक सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करते समय निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली गई। कई छात्रों ने यह भी शिकायत की कि भुगतान गेटवे बार-बार विफल हो रहा था, जिसके कारण उनके खातों से कई बार पैसे काटे गए।
**इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं की मांग दोगुनी हुई**
CBSE के अनुसार, 2025 में लगभग 200,000 छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त कीं। वहीं, 2026 में यह संख्या बढ़कर 400,000 से अधिक हो गई। इससे पूरे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, जिससे कई तकनीकी गड़बड़ियां उत्पन्न हुईं।
**आईआईटी विशेषज्ञ तकनीकी ऑडिट करेंगे**
पोर्टल पर बढ़ती ट्रैफिक, भुगतान से संबंधित समस्याओं और संभावित साइबर हमलों की शिकायतों के मद्देनजर, शिक्षा मंत्रालय ने IIT मद्रास और IIT कानपुर की टीमों को CBSE पोर्टल और इसकी तकनीकी अवसंरचना का ऑडिट करने का कार्य सौंपा है।
**ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर उठे सवाल**
कुछ छात्रों और शिक्षकों ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान, कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के सभी पृष्ठ या उत्तर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिए, जो पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। ये शिकायतें भी वर्तमान में जांच के अधीन हैं।