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NMC का नया प्रस्ताव: MBBS पाठ्यक्रम की अवधि बढ़ाने की योजना

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने MBBS पाठ्यक्रम को पूरा करने की अवधि को 10 वर्षों तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। यह बदलाव छात्रों के लिए राहत का स्रोत बन सकता है, खासकर उन छात्रों के लिए जो स्वास्थ्य या व्यक्तिगत कारणों से अपनी पढ़ाई में रुकावट का सामना कर रहे हैं। नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, छात्रों को अपने शैक्षणिक अध्ययन और अनिवार्य इंटर्नशिप को पूरा करने के लिए अधिक समय मिलेगा। जानें इस प्रस्ताव के लाभ और इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया के बारे में।
 

NMC MBBS पाठ्यक्रम की अवधि में बदलाव



राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने MBBS पाठ्यक्रम को पूरा करने की अवधि को 10 वर्षों तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। यह बदलाव छात्रों के लिए राहत का स्रोत बन सकता है।


NMC ने चिकित्सा शिक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत MBBS पाठ्यक्रम को पूरा करने की अधिकतम समय सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो छात्रों को अपने MBBS अध्ययन और अनिवार्य इंटर्नशिप को पूरा करने के लिए पहले से अधिक समय मिलेगा। वर्तमान में, MBBS कार्यक्रम में दाखिला लेने वाले छात्रों को 9 वर्षों के भीतर पूरा पाठ्यक्रम पूरा करना होता है, जिसमें शैक्षणिक अध्ययन और अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) शामिल है।


NMC का यह नया प्रस्ताव छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। आइए जानते हैं कि ये नए ड्राफ्ट नियम क्या हैं।


NMC का नया प्रस्ताव क्या है?

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (GMER), 2023 में संशोधन का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस ड्राफ्ट में MBBS पाठ्यक्रम को पूरा करने की अधिकतम अवधि को 9 वर्षों से बढ़ाकर 10 वर्षों करने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव के अनुसार, छात्र अपने MBBS शैक्षणिक अध्ययन और अनिवार्य CRMI को 10 वर्षों के भीतर पूरा कर सकेंगे।


नए ड्राफ्ट नियम क्या हैं?

वर्तमान नियमों के तहत, किसी भी छात्र को दाखिले की तारीख से 9 वर्षों के भीतर पूरा MBBS पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र इस अवधि के भीतर पाठ्यक्रम पूरा नहीं करता है, तो उसे विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। NMC अब यह मानता है कि कुछ परिस्थितियों में छात्रों को अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो सकती है। इस संदर्भ में, एक अतिरिक्त वर्ष देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, NMC ने पहले पेशेवर MBBS परीक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण नियम को अपरिवर्तित रखा है, जिसमें छात्रों को इस परीक्षा को पास करने के लिए अधिकतम चार प्रयास दिए जाते हैं।


कौन से छात्र सबसे अधिक लाभान्वित होंगे?

यदि यह संशोधन लागू होता है, तो यह मुख्य रूप से उन छात्रों को लाभान्वित करेगा जिन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं, पारिवारिक परिस्थितियों, व्यक्तिगत कारणों या अन्य शैक्षणिक चुनौतियों के कारण अपनी पढ़ाई में रुकावट का सामना किया है। एक अतिरिक्त वर्ष का प्रावधान ऐसे छात्रों पर समय का दबाव कम करेगा, जिससे वे बिना किसी जल्दबाजी के अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा, NMC के प्रस्ताव के अनुसार, CRMI को भी इसी समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा।


अंतिम निर्णय क्या है?

वर्तमान में, यह केवल एक ड्राफ्ट प्रस्ताव है। NMC ने इस मामले पर छात्रों, चिकित्सा कॉलेजों, शिक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की हैं। सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, आयोग सभी प्रस्तुत सुझावों की समीक्षा करेगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा को देश के सबसे कठिन और लंबे शैक्षणिक कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। छात्रों को अक्सर व्यक्तिगत, वित्तीय या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अपनी पढ़ाई में ब्रेक लेना पड़ता है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा पाठ्यक्रम पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक अतिरिक्त वर्ष देने से छात्रों को बेहतर अवसर मिलेगा, जिससे वे बिना अत्यधिक दबाव के अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी कर सकेंगे।