NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद: NTA की सफाई और आगामी परीक्षा की तैयारी
NEET UG 2026 विवाद की पृष्ठभूमि
NEET UG 2026 के चारों ओर विवाद बढ़ गया है, जब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अधिकारियों ने एक संसदीय समिति को बताया कि परीक्षा का पेपर "पूर्ण रूप से लीक" नहीं हुआ, जबकि कई राज्यों में एक 'गेस पेपर' के माध्यम से समान प्रश्नों के प्रसार के आरोप लगे हैं।
NTA का दावा: पूरा प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ
संसदीय स्थायी समिति की बैठक के दौरान, NTA के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से पेपर लीक का नहीं था।
अधिकारियों के अनुसार, मराठी संस्करण के प्रश्न पत्र का अनुवाद करने वाले शिक्षकों ने कुछ प्रश्नों को याद किया और बाद में उन्हें 'गेस पेपर' के रूप में पुनः प्रस्तुत किया, जिसे छात्रों के बीच वितरित किया गया।
संसदीय पैनल की प्रतिक्रिया
हालांकि, संसदीय पैनल के सदस्यों ने इस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाया और पूछा कि यदि परीक्षा से बाहर समान प्रश्न सामने आए हैं, तो इसे पेपर लीक के रूप में क्यों नहीं माना जा सकता।
NTA अधिकारियों ने यह भी कहा कि:
- केवल कुछ प्रश्न बाहर आए थे
- पूरा प्रश्न पत्र प्रभावित नहीं हुआ
- परीक्षा रद्द करने का निर्णय अनियमितताओं और 'शून्य सहिष्णुता' नीति पर आधारित था
गेस पेपर का प्रसार
जांचकर्ताओं ने पाया कि कथित प्रश्न सेट परीक्षा से पहले कई राज्यों में वितरित किए गए थे।
सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी जांच की है कि सामग्री ₹25 लाख से ₹30 लाख के बीच बेची गई थी।
इस विवाद के कारण कई गिरफ्तारियां हुई हैं, और अब मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई है।
NEET UG 2026 में छात्रों की संख्या
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया।
पेपर लीक, अनियमितताओं और प्रश्न पत्रों के संदिग्ध प्रसार के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।
NTA ने अब एक पुनः परीक्षा की घोषणा की है, जो 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
संसदीय पैनल की चिंताएं
सूत्रों के अनुसार, समिति की कार्यवाही के दौरान कई सांसदों ने एजेंसी की स्थिति को चुनौती दी।
समिति के सदस्यों ने तर्क किया कि:
- यदि परीक्षा से पहले छात्रों तक समान प्रश्न पहुंचे, तो यह निष्पक्षता को सीधे प्रभावित करता है
- आंशिक समझौता भी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है
- छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास काफी हद तक प्रभावित हुआ है
NTA अधिकारियों ने परीक्षा रद्द करने के अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि एजेंसी किसी भी अनियमितता के प्रति सख्त 'शून्य सहिष्णुता' नीति का पालन करती है।
पुनः परीक्षा की तैयारी
आगामी NEET UG 2026 पुनः परीक्षा को सख्त सुरक्षा उपायों के तहत आयोजित किया जाएगा।
प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा निम्नलिखित उपायों को लागू किया जा सकता है:
- सशक्त डिजिटल निगरानी प्रणाली
- कागज प्रबंधन प्रोटोकॉल को कड़ा करना
- अनुवाद सुरक्षा में सुधार
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय
छात्रों को NTA द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं से बचने की सलाह दी गई है।
महत्वपूर्णता और चिंताएं
NEET परीक्षा भारत के सबसे बड़े चिकित्सा प्रवेश परीक्षणों में से एक है, जो MBBS और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश निर्धारित करती है।
परीक्षा के महत्व के कारण, छोटी-छोटी अनियमितताएं भी राष्ट्रीय चिंता का विषय बन जाती हैं।
लाखों छात्रों के सीमित सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के कारण, यह विवाद एक बार फिर निम्नलिखित मुद्दों पर सवाल उठाता है:
- परीक्षा सुरक्षा
- अनुवाद प्रक्रियाएं
- गोपनीय कागजों का प्रबंधन
- परीक्षा एजेंसियों में जवाबदेही
कथित पेपर लीक और 'गेस पेपर' नेटवर्क की जांच अभी भी जारी है, और आने वाले हफ्तों में और विकास की उम्मीद है।