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NCERT की नई राजनीतिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकों के लिए 20 सदस्यीय टीम का गठन

NCERT ने कक्षा 11 और 12 के लिए नई राजनीतिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकों के विकास हेतु 20 सदस्यों की एक टीम का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व प्रोफेसर संदीप शास्त्री करेंगे। पाठ्यपुस्तकों का निर्माण NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप किया जाएगा। टीम में कुछ सदस्य RSS और ABVP से जुड़े हुए हैं। कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तक 30 नवंबर 2026 तक तैयार होगी। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या खास होगा इन नई पाठ्यपुस्तकों में।
 

नई पाठ्यपुस्तकों का विकास



NCERT ने कक्षा 11 और 12 के लिए नई राजनीतिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकों के निर्माण हेतु 20 सदस्यों की एक टीम का गठन किया है। यह टीम NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने और नई पाठ्यपुस्तकों के विकास का कार्य करेगी।


टीम का नेतृत्व

इस नई टीम का नेतृत्व प्रोफेसर संदीप शास्त्री करेंगे, जो निते डिम्ड यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु) के उप-कुलपति हैं। डॉ. वंथांगपुई खोबुंग और डॉ. सुभाष सिंह को सदस्य-समन्वयक के रूप में नियुक्त किया गया है।


RSS और ABVP से जुड़े सदस्य

टीम में चार सदस्य ऐसे हैं जो RSS, ABVP या संबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं। इनमें यदुनाथ देशपांडे शामिल हैं, जो शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शिक्षण-सीखने की सामग्री समिति के वरिष्ठ सलाहकार हैं।


टीम में डॉ. प्रशांत दिवेकर भी हैं, जो पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के शिक्षक शिक्षा केंद्र और अनुसंधान कार्यक्रम के प्रमुख हैं।


कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तक का प्राथमिकता

NCERT ने नई पाठ्यपुस्तकों के लिए समयसीमा निर्धारित की है। कक्षा 11 की राजनीतिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक 30 नवंबर 2026 तक तैयार की जाएगी, जबकि कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक 30 जुलाई 2027 तक तैयार होगी।


भारतीय ज्ञान प्रणाली पर जोर

नई पाठ्यपुस्तकों में भारतीय ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक संबंधों को प्रमुख विषयों के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, समावेशिता, उम्र के अनुसार शिक्षण विधि, मूल्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) पर भी ध्यान दिया जाएगा।


पुस्तकों की बहु-चरणीय समीक्षा प्रक्रिया

नई पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन तुरंत नहीं होगा। सभी 20 सदस्य लेखन प्रक्रिया, सामग्री की समीक्षा, भाषा संपादन, और अंतःविषय संबंध स्थापित करने में योगदान देंगे।


प्रारंभिक रूप से तैयार अध्यायों को पूरी टीम के साथ साझा किया जाएगा, और NCERT की समीक्षा समिति द्वारा भी इन पुस्तकों की जांच की जाएगी।