गोरखपुर विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए वीडियो बनाने के नियमों में बदलाव किया
गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया निर्देश
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए वीडियो और रील बनाने पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश को 24 घंटे के भीतर संशोधित कर दिया है। विश्वविद्यालय के नए निर्देश के अनुसार, छात्रों को परिसर में रील बनाने के दौरान शिष्टाचार और उचितता बनाए रखनी होगी।
पहला आदेश और उसकी प्रतिक्रिया
रविवार को, विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि बिना अनुमति के रील, वीडियो या अन्य डिजिटल सामग्री बनाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद, विश्वविद्यालय में कुछ शिक्षकों ने भी असंतोष व्यक्त किया।
सोमवार को, विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए एक नया आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि इसका उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता को दबाना नहीं है।
नए आदेश की विशेषताएँ
नए आदेश में कहा गया है कि छात्रों को रील और वीडियो बनाने का अवसर दिया जाएगा, लेकिन उन्हें भाषा, विषयवस्तु, शिष्टाचार और उचितता का ध्यान रखना होगा।
विश्वविद्यालय ने 'ऑरेंज इकोनॉमी' और रचनात्मक उद्योग के लिए सरकार के प्रयासों का हवाला देते हुए छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की चिंताएँ
विश्वविद्यालय ने बताया कि परिसर में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी संख्या होती है, इसलिए बिना अनुमति के वीडियो बनाना कक्षा की गतिविधियों में बाधा डाल सकता है।
इसलिए, विश्वविद्यालय ने डिजिटल सामग्री से संबंधित गतिविधियों को अनुशासन और जिम्मेदारी के दायरे में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कोड ऑफ कंडक्ट में संशोधन
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने छात्र अनुशासन के संबंध में अपने कोड ऑफ कंडक्ट में भी संशोधन किया है। एक तीन सदस्यीय समिति को नियमों की समीक्षा करने के लिए गठित किया गया था।
संशोधित नियमों में अब फोटोग्राफी, वीडियो या रील बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।