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FITM रिसर्च फेलोशिप 2026: पारंपरिक चिकित्सा में शोध के लिए सुनहरा अवसर

FITM रिसर्च फेलोशिप 2026 एक महत्वपूर्ण अवसर है उन शोधकर्ताओं के लिए जो पारंपरिक चिकित्सा और संबंधित नीतियों पर काम कर रहे हैं। इस फेलोशिप के तहत डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल स्तर पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसमें आकर्षक मासिक भत्ते के साथ वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर है। यदि आप इस क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है।
 

FITM रिसर्च फेलोशिप 2026


FITM रिसर्च फेलोशिप 2026: यदि आप अपने शोध के साथ-साथ वित्तीय सहायता प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह समाचार आपके लिए है। यह उन शोधकर्ताओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो देश में पारंपरिक चिकित्सा और संबंधित नीतियों पर काम कर रहे हैं। 'फोरम ऑन इंडियन ट्रेडिशनल मेडिसिन' (FITM) ने योग्य उम्मीदवारों से डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि फेलोशिप अवधि के दौरान एक महत्वपूर्ण मासिक भत्ता प्रदान किया जाता है।


वर्तमान परिदृश्य में, उच्च शिक्षा और शोध के दौरान वित्तीय खर्च अक्सर एक बड़ी चिंता बन जाते हैं। ऐसे में, इस तरह की फेलोशिप एक महत्वपूर्ण सहायता स्रोत के रूप में कार्य करती है। प्राचीन प्रणालियों जैसे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी पर काम कर रहे युवा व्यक्तियों के लिए, यह एक सुनहरा अवसर है जो उनके कौशल और ज्ञान को एक नई दिशा देने का मौका प्रदान करता है। यदि आपके पास पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के संबंध में कोई नवोन्मेषी विचार है या आप इस क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं, तो यह मंच आपके लिए है।


FITM रिसर्च फेलोशिप क्या है, और इससे कौन लाभान्वित होगा?
यह फेलोशिप फोरम ऑन इंडियन ट्रेडिशनल मेडिसिन (FITM) द्वारा उन शोधकर्ताओं के लिए डिज़ाइन की गई है जो भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और उनकी संबंधित नीतियों में गहराई से संलग्न होना चाहते हैं। चयन प्रक्रिया में कुल 10 सीटें शामिल हैं। इनमें से 5 सीटें 'AYUSH' श्रेणी के लिए और 5 'Non-AYUSH' श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। यह आवंटन डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल स्तर पर अलग-अलग लागू होता है।


आकर्षक भत्ते के माध्यम से वित्तीय सहायता


इस कार्यक्रम के तहत प्रदान की गई वित्तीय सहायता शोध यात्रा को काफी आसान बनाती है:
डॉक्टोरल फेलो: उन्हें ₹70,000 का मासिक भत्ता मिलता है।
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो: उन्हें प्रति माह ₹75,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।


FITM रिसर्च फेलोशिप के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
इस फेलोशिप के लिए विशिष्ट मानदंड स्थापित किए गए हैं ताकि लाभ सही उम्मीदवारों तक पहुंचे:
भारतीय नागरिकता:
आवेदक को भारतीय नागरिक होना चाहिए।
शोध विषय: शोध विषय पारंपरिक चिकित्सा या संबंधित सरकारी नीतियों पर आधारित होना चाहिए।


कौन से विषय बाहर हैं? कृपया ध्यान दें कि फार्माकोलॉजी, नैदानिक अध्ययन और फार्माकोग्नोसी से संबंधित शोध इस कार्यक्रम के दायरे में नहीं आते हैं।


आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
इस उत्कृष्ट अवसर को न चूकें। आवेदन की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर (रात 11:59 बजे) है। आवेदन करने से पहले, कृपया FITM की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी दिशानिर्देशों को ध्यान से पढ़ें: fitm.ris.org.in.