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CBSE में AI और कौशल शिक्षा का नया युग

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कौशल शिक्षा को शामिल करने की योजना बनाई है। कक्षा 9 और 10 के लिए कंप्यूटिंग और AI को अनिवार्य विषय बनाया जाएगा, जबकि कक्षा 3 से AI का समावेश किया जाएगा। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को कौशल विषय के रूप में पेश किया जाएगा। स्कूलों के लिए एक नया ग्रेडिंग सिस्टम भी लागू किया जाएगा, जो शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कारकों पर आधारित होगा। ये बदलाव शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
 

CBSE में AI का समावेश


CBSE AI In School: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अपने पाठ्यक्रम और अन्य पहलुओं में महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बना रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत कई महत्वपूर्ण परिवर्तन पहले ही लागू किए जा चुके हैं। हाल ही में बोर्ड की गवर्निंग बॉडी की बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संबंध में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से कक्षा 9 और 10 के लिए बड़े बदलाव की योजना बनाई जा रही है।


AI और कंप्यूटिंग का अनिवार्य पाठ्यक्रम

CBSE अब कक्षा 9 और 10 के लिए कंप्यूटिंग और AI को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने की योजना बना रहा है। यह भी घोषणा की गई है कि बोर्ड कक्षा 3 से बच्चों के कक्षाओं में AI को शामिल करेगा। ये परिवर्तन अगले वर्ष, 2026-27 से शुरू होने की उम्मीद है। इसे विभिन्न विषयों में एकीकृत किया जाएगा। जब छात्र कक्षा 6 में पहुंचेंगे, तो स्तर को बढ़ाया जाएगा।


कौशल पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी से लेकर कई तकनीकी दिग्गजों ने बार-बार कहा है कि कौशल भविष्य में सबसे शक्तिशाली बल होगा। इसलिए, CBSE कक्षा 8 से 12 के छात्रों के लिए "सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी" को एक कौशल विषय के रूप में पेश करेगा। इसके लिए एक विशेष शिक्षण मॉड्यूल विकसित किया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, CBSE अपने कौशल विषयों को अंतरराष्ट्रीय मानक PISA (Programme for International Student Assessment) के तहत विकसित करेगा।


स्कूलों के लिए ग्रेडिंग सिस्टम

महत्वपूर्ण परिवर्तनों में, केंद्रीय विद्यालय (KVs), जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVs), और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) के लिए एक विशेष ग्रेडिंग सिस्टम पेश करने की योजना बनाई जा रही है। ग्रेडिंग शैक्षणिक कारकों के अलावा अन्य कारकों पर आधारित होगी। क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की भी चर्चा है। बोर्ड ने पहले ही कक्षा 10 में दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है। अन्य स्कूलों के लिए समान नियम लागू किए जाएंगे, और धोखाधड़ी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।