Bihar PSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
BPSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा की जानकारी
BPSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1,230 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 31 मई 2026 तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार विस्तृत जानकारी के लिए BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
आवेदन के लिए पात्रता मानदंड
72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) परीक्षा: इस परीक्षा के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
बाल विकास परियोजना अधिकारी: इस पद के लिए भी स्नातक की डिग्री आवश्यक है, जो कि निम्नलिखित विषयों में से किसी एक में होनी चाहिए: गृह विज्ञान, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, या श्रम और सामाजिक कल्याण।
वित्तीय प्रशासनिक अधिकारी और समकक्ष: इस पद के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक है, जो वाणिज्य, अर्थशास्त्र, गणित, या सांख्यिकी में होनी चाहिए।
उप-क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी: इस पद के लिए स्नातक की डिग्री मनोविज्ञान या कानून में होनी चाहिए। उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए इनमें से किसी एक विषय का चयन करना होगा।
आयु सीमा
आयु सीमा की शर्तें: 1 अगस्त 2026 के अनुसार, न्यूनतम आयु सीमा विभिन्न सेवाओं/पदों के अनुसार 20, 21 और 22 वर्ष निर्धारित की गई है।
| श्रेणी | अधिकतम आयु |
|---|---|
| अनारक्षित (पुरुष) | 37 वर्ष |
| अनारक्षित (महिला) | 40 वर्ष |
| पिछड़ा वर्ग / अत्यंत पिछड़ा वर्ग (पुरुष एवं महिला) | 40 वर्ष |
| अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (पुरुष एवं महिला) | 42 वर्ष |
आवेदन शुल्क
आवेदन शुल्क विवरण: प्रत्येक उम्मीदवार को आवेदन के लिए ₹100 का अलग परीक्षा शुल्क देना होगा। यह शुल्क सभी परीक्षाओं पर लागू होता है। यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक परीक्षा के लिए आवेदन करता है, तो उसे प्रत्येक परीक्षा के लिए अलग शुल्क देना होगा।
यदि आवेदन में आधार संख्या प्रदान नहीं की गई है, तो प्रत्येक परीक्षा के लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक शुल्क ₹200 भी देना होगा। इसलिए, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवेदन में आधार संख्या दर्ज करें ताकि इस अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।