AKTU B.Tech परीक्षा रद्द, पेपर लीक के कारण नई तिथि घोषित
AKTU B.Tech परीक्षा रद्द
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) के छात्रों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। B.Tech 6वीं सेमेस्टर की परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा अब 5 जून को आयोजित की जाएगी।
परीक्षा रद्द होने का कारण
B.Tech 3rd वर्ष, 6वीं सेमेस्टर की परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द किया गया।
नई तिथि: यह परीक्षा अब 5 जून को पुनः आयोजित की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों की संख्या: यह परीक्षा कुल 135 केंद्रों पर आयोजित की जानी थी।
लीक का स्रोत: परीक्षा का पेपर नोएडा के एक निजी कॉलेज से वायरल हुआ।
साक्ष्य: गाज़ियाबाद में छात्रों के पास परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तरों के चिट्स पाए गए।
कैसे हुआ खुलासा?
AKTU में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं, जो उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालयों में से एक है। B.Tech 3rd वर्ष, 6वीं सेमेस्टर की परीक्षा के लिए 135 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक की जानकारी सामने आई, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
नोएडा से वायरल हुआ पेपर
रिपोर्टों के अनुसार, नोएडा के एक कॉलेज को पेपर लीक का मुख्य स्रोत माना जा रहा है। परीक्षा के निर्धारित समय से कुछ क्षण पहले, प्रश्न पत्र तेजी से सोशल मीडिया और छात्र व्हाट्सएप समूहों में फैलने लगा। शुरू में इसे अफवाह समझा गया, लेकिन जब वायरल पेपर की तुलना वास्तविक प्रश्न पत्र से की गई, तो दोनों एक समान पाए गए।
गाज़ियाबाद में छात्रों को रंगे हाथ पकड़ा गया
पेपर लीक की पुष्टि तब हुई जब गाज़ियाबाद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान कई छात्रों के पास छोटे चिट्स मिले। इन चिट्स में उस दिन की परीक्षा के सभी प्रश्नों के उत्तर थे। इससे स्पष्ट हो गया कि पेपर न केवल लीक हुआ था, बल्कि उसे हल भी किया गया था और उत्तर छात्रों को प्रदान किए गए थे।
सिस्टम कैसे काम करता है और कहां हुई चूक?
इस घटना के बाद, यह सवाल उठ रहा है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद पेपर लीक कैसे हुआ। वास्तव में, AKTU प्रशासन परीक्षा केंद्रों पर कई दिन पहले प्रिंटेड प्रश्न पत्र नहीं भेजता है। नियमों के अनुसार, प्रश्न पत्र परीक्षा के शुरू होने से ठीक 12 घंटे पहले डिजिटल या सुरक्षित चैनल के माध्यम से परीक्षा केंद्रों पर भेजे जाते हैं। हर परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र अधीक्षक नियुक्त किया जाता है, जिसके पास विश्वविद्यालय द्वारा भेजे गए पेपर को एक्सेस और खोलने के लिए आवश्यक 'ID और पासवर्ड' होता है। इसलिए, संदेह बढ़ रहा है कि नोएडा के कॉलेज के प्रशासन या केंद्र अधीक्षक इस मामले में शामिल हो सकते हैं।
