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बिहार सरकार की नई स्कॉलरशिप योजना: आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई का अवसर

बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए राष्ट्रीय ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, योग्य छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। विशेष रूप से, किसान, श्रमिक और कारीगरों के बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। आवेदन करने के लिए, छात्रों की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए और उन्हें शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों से बिना शर्त प्रवेश का प्रस्ताव प्राप्त करना होगा। इस योजना के तहत 125 छात्रों का चयन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं के लिए 30% सीटें आरक्षित हैं।
 
बिहार सरकार की नई स्कॉलरशिप योजना: आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई का अवसर

बिहार सरकार की नई पहल



बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मेधावी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिससे विदेश में पढ़ाई का सपना साकार हो सकेगा। विशेष रूप से, किसान, श्रमिक और कारीगरों के बच्चे इस योजना का सीधा लाभ उठाएंगे। राष्ट्रीय ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) के तहत, योग्य छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह छात्रों को ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों की चिंता किए बिना अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देगा। यह योजना उन युवा व्यक्तियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।


NOS स्कॉलरशिप योजना क्या है?

राष्ट्रीय ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना का उद्देश्य गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों को विदेश में पढ़ाई का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत, अनुसूचित जातियों (SC), निराधारित और घुमंतू जनजातियों, भूमिहीन कृषि श्रमिकों और पारंपरिक कारीगरों के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इस स्कॉलरशिप के माध्यम से छात्र मास्टर डिग्री या पीएचडी कर सकते हैं।


कौन आवेदन कर सकता है?

इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए, छात्र के परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। आवेदक की आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, योग्यता परीक्षा में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। मास्टर पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक है, जबकि पीएचडी कार्यक्रमों के लिए मास्टर डिग्री अनिवार्य है।


प्रवेश से संबंधित मुख्य शर्त

स्कॉलरशिप के लिए योग्य होने के लिए, छात्र को विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में से एक से बिना शर्त प्रवेश का प्रस्ताव प्राप्त करना होगा। यह रैंकिंग QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 के आधार पर निर्धारित की जाएगी।


सीटों की जानकारी

इस योजना के तहत, प्रत्येक वर्ष कुल 125 छात्रों का चयन किया जाएगा। इनमें से 30% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यदि पर्याप्त संख्या में महिला उम्मीदवार नहीं मिलती हैं, तो ये सीटें पुरुष उम्मीदवारों को आवंटित की जाएंगी।


श्रेणी के अनुसार सीटें:


| श्रेणी | सीटें | |---------|-------| | अनुसूचित जातियाँ | 115 | | निराधारित, घुमंतू, और अर्ध-घुमंतू जनजातियाँ | 6 | | भूमिहीन श्रमिक और कारीगर वर्ग | 4 |


आवश्यक शर्तें और नियम

चुने गए छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के 30 दिनों के भीतर भारत लौटना होगा। इसके अलावा, उन्हें देश में कम से कम एक वर्ष तक निवास करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे स्कॉलरशिप राशि के साथ ब्याज चुकाने की आवश्यकता हो सकती है।


आवेदन कैसे करें?

छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए, उन्हें पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद, उन्हें लॉगिन करके आवेदन पत्र भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा करने से पहले सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना आवश्यक है।