नई एआई पाठ्यक्रम: कक्षा 3 से 8 के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अध्ययन
नई एआई पाठ्यक्रम का परिचय
नई एआई पाठ्यक्रम: देशभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा का विस्तार होने जा रहा है। इस पहल के तहत, अब कक्षा 3 से शुरू होकर सभी स्कूलों के छात्रों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अध्ययन करना होगा। बुधवार, 1 अप्रैल को, विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कक्षा 3 से 8 के छात्रों के लिए CT और AI के लिए एक नया पाठ्यक्रम लॉन्च किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी और शिक्षा मंत्रालय, CBSE, और NCERT के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नई पाठ्यक्रम की विशेषताएँ
शिक्षा मंत्री का बयान:
नए पाठ्यक्रम का उद्घाटन करते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान युग में बच्चों को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना आवश्यक है। कंप्यूटेशनल थिंकिंग AI की नींव है। CBSE ने आज एक व्यापक पैकेज लॉन्च किया है, जिसमें शिक्षक हैंडबुक, पाठ्यक्रम और कक्षा 3 से 8 के छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकें शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश को एक वैश्विक AI सुपर हब में बदलने का अंतिम लक्ष्य है।
पाठ्यक्रम का कार्यान्वयन और उद्देश्य
पाठ्यक्रम कब लागू होगा?
AI और CT के लिए नया पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने की योजना है। इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही तकनीकी परिदृश्य के लिए तैयार करना है। इस पहल के माध्यम से, छात्रों में तार्किक तर्क, समस्या समाधान, और पैटर्न पहचानने की आवश्यक क्षमताओं का विकास किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में AI की गहरी और व्यापक समझ प्राप्त कर सकें।
पाठ्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
सीखने का नया दृष्टिकोण:
कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए नया पाठ्यक्रम कक्षा 3 से 8 के छात्रों के लिए लॉन्च किया गया है। इस पाठ्यक्रम की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- सीखने की प्रक्रिया को आकर्षक और सुलभ बनाना।
- छात्र खेलों, पहेलियों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखेंगे।
- जटिल समस्याओं को छोटे, प्रबंधनीय भागों में विभाजित करने की रणनीतियाँ।
- समूह चर्चा और टीम वर्क पर विशेष ध्यान।
- पुनरावृत्ति की बजाय अवधारणात्मक समझ और व्यावहारिक कौशल पर ध्यान केंद्रित करना।
- छात्रों की रचनात्मक सोच और समझने की क्षमताओं का विकास।
